कुछ दिनों से गुरूद्वारा एरिया, अबचलनगर तथा टावरझोन कार्यालय अंतर्गत आने वाले अनेक भागों में बार-बार बिजली बंद होने की समस्या सामने आ रही है। स्वाभाविक रूप से जनता परेशान होती है, नाराजगी भी व्यक्त करती है, क्योंकि आज के समय में बिजली केवल सुविधा नहीं बल्कि जीवन की आवश्यकता बन चुकी है। परंतु किसी भी समस्या को केवल एक ही पहलू से देखने के बजाय उसके दूसरे पक्ष को समझना भी उतना ही आवश्यक है। आलोचना करना आसान होता है, लेकिन कठिन परिस्थितियों में काम करने वालों की मजबूरियां और संघर्ष समझना हर नागरिक का कर्तव्य है। टावरझोन कार्यालय में वर्तमान में कार्यरत कुशल और कर्तव्यनिष्ठ महिला इंजिनियर प्रियंका तुम्मडवाड मॅडम तथा कार्यकारी अभियंता विनय घनबहादुर साहब जैसे अधिकारी अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाने का प्रयास कर रहे हैं। अनेक बार रात-बेरात बिजली बंद होने की जानकारी देने पर भी सकारात्मक प्रतिसाद मिलना इस बात का प्रमाण है कि अभी भी व्यवस्था में अच्छे अधिकारी और कर्मचारी मौजूद हैं जो जनता की सेवा भावना से काम कर रहे हैं। लेकिन वास्तविकता यह भी है कि आज महावितरण कंपनी तथा शासन की कुछ नीतियों और परिस्थितियों के कारण काम करना “तार पर चलने जैसी कसरत” बन चुका है। कुछ मुख्य कारण इस प्रकार हैं : 1. शासन की आरक्षण नीति के अनुसार विभिन्न पदों पर महिला कर्मचारियों की नियुक्ति की जाती है। कार्यालयीन कार्यों में महिलाएं उत्कृष्ट कार्य करती हैं, परंतु इलेक्ट्रिकल क्षेत्र के फिल्ड वर्क, रात के आपातकालीन कार्य तथा जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में व्यवहारिक कठिनाइयां सामने आती हैं। 2. उप अभियंता कार्यालय को कार्यक्षेत्र से दूर स्थलांतरित किये जाने के कारण शिकायत स्थल तक पहुंचने में अधिक समय लगता है। ऊपर से कार्यक्षेत्र भी अत्यंत विस्तृत है। 3. उपलब्ध कर्मचारियों में से कुछ को बिल वसूली, कुछ को नियमित शिकायत निवारण और अन्य कामों में लगाया जाता है, जिससे तकनीकी कार्यों के लिये पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध नहीं रह पाता। 4. नियमानुसार बदली होने से नए कर्मचारियों को पूरे क्षेत्र, लाईन, डी.पी. तथा तकनीकी व्यवस्था की पूर्ण जानकारी होने में समय लगता है। इस वजह से भी समस्या निर्माण होती है 5. पिछले कुछ वर्षों में डी.पी. ट्रान्सफॉर्मर की संख्या की कुछ पैमाने में ही बढोतरी हुई है परंतु नये नये कॉम्प्लेक्स, मार्केट, घरों में ए.सी., फ्रिज, कूलर तथा अन्य विद्युत उपकरणों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ी है, लेकिन अनेक स्थानों पर पुरानी बिजली लाइनें और तारें आज भी उसी स्थिति में हैं। इससे ओव्हरलोड की समस्या बढ़ रही है। 6. अनेक ट्रान्सफॉर्मरों के नीचे के “किटकॅट टॉप नहीं होना” तथा बॉक्स व्यवस्थित और सुरक्षित नहीं होने से तकनीकी अड़चनें आती रहती हैं। साथ ही बढता हुआ तापमान 7. पेड़ बड़े होकर बिजली तारों को स्पर्श कर रहे हैं। पर्याप्त स्टाफ और संसाधनों के अभाव में समय पर कटाई नहीं हो पाती, जिससे फॉल्ट बढ़ते हैं। 8. बिजली के खंभों पर गैरकानूनी विज्ञापन बोर्ड, सीसीटीवी वायर, वायफाय केबल आदि बांध दिये जाते हैं, जिससे तकनीकी काम में बाधा आती है और दुर्घटना का खतरा भी बढ़ता है। 9. कुछ कर्मचारियों में कार्य के प्रति गंभीरता की कमी भी दिखाई देती है। कॉल सेंटर का फोन समय पर न उठाना, शिकायत पर देर से प्रतिसाद देना या काम को टालना भी जनता की परेशानी बढ़ाने वाला कारण बनता है। 10. इसके अलावा सब इंजिनियर को रोजाना बिल संबंधी शिकायतें, नए कनेक्शन, तकनीकी समस्या, ऑफिस में रिपोर्टीगं ,ग्राहक विवाद जैसी अनेक जिम्मेदारियां भी संभालनी पड़ती हैं। आज आवश्यकता केवल दोषारोपण की नहीं, बल्कि समाधान खोजने की है। जनता, प्रशासन और महावितरण कंपनी सभी ने मिलकर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है। नये व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स को उनका ट्रान्सफॉर्मर फीट करा कर ही बिजली कनेक्शन देना यदि जनता बिजली के खंभों पर अवैध वायरिंग और बोर्ड लगाना बंद करे, समय पर बिल भरे, पेड़ कटाई में सहयोग करे और शिकायत करते समय संयम रखे, तो व्यवस्था अधिक प्रभावी बन सकती है। वहीं महावितरण कंपनी को भी पर्याप्त तकनीकी स्टाफ, आधुनिक सुविधा और मजबूत विद्युत व्यवस्था उपलब्ध कराने की दिशा में गंभीर कदम उठाने होंगे। समाज में केवल कमियां निकालने वाले नहीं, बल्कि कठिन परिस्थितियों में काम करने वालों का मनोबल बढ़ाने वाले लोग भी होने चाहिए। क्योंकि आलोचना से ज्यादा महत्वपूर्ण है समस्या का वास्तविक कारण समझकर समाधान की दिशा में आगे बढ़ना। आखिर महावितरण कंपनी के कर्मचारी भी इन्सान ही है. व्यवस्था को कोसना आसान है, रात,बेरात, कडी धुप हो या बारिश में काम करने वाले कर्मचारी अधिकारी विपरीत परिस्थितियों में सेवा देने वालों का संघर्ष समझना ही सच्ची समाजसेवा है।” राजेंद्र सिंघ शाहू अबचलनगर नांदेड 7700063999 Kanthak Suryatal Post Views: 700 Facebook WhatsApp Telegram Twitter LinkedIn Snapchat Threads Post navigation स्थानिक गुन्हा शाखेने 703 शस्त्रे पकडली किनगाव येथे जुगार अड्ड्यावर पोलिसांचा छापा; ८.४८ लाखांचा मुद्देमाल जप्त