भारत में कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में भारी उछाल: आम जनता और अर्थव्यवस्था पर गहराता संकट;आजही नेपाल ने डिझेल का दाम कमी किया
भारत में ईंधन की बढ़ती कीमतों और उसके आर्थिक प्रभाव पर आधारित स्रोतों के अनुसार, देश में महंगाई की स्थिति गंभीर होती जा रही है। भारत में कमर्शियल और घर का सिलेंडर दोनों की कीमतें सरकार ने बढ़ाई है। और दूसरी और चार दिन पहले नेपाल में पंतप्रधान बने बालेन शाह ने अपने देश में डीझल और पेट्रोल की दामों में कमी की है।

कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में ऐतिहासिक वृद्धि 1 मई 2026 को भारत में कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में ₹993 की अचानक और भारी बढ़ोतरी की गई है। केवल बड़े सिलेंडर ही नहीं, बल्कि छोटे 5 किलो वाले सिलेंडरों के दाम में भी ₹261 की वृद्धि हुई है। यह वृद्धि व्यापारिक क्षेत्र के लिए एक बड़ा झटका मानी जा रही है।

आम आदमी की थाली पर असर और बढ़ती महंगाई कमर्शियल गैस के दाम बढ़ने का सीधा असर केवल बड़े होटलों तक सीमित नहीं रहेगा। इसका सबसे ज्यादा प्रभाव रेहड़ी-पटरी पर मिलने वाले खाने (थाली) और रोजमर्रा की अन्य चीजों पर पड़ेगा। विशेषज्ञों का तर्क है कि जब खाना पकाने की लागत बढ़ती है, तो इसका अंतिम बोझ गरीब और मध्यम वर्ग की जेब पर ही पड़ता है।
पड़ोसी देशों से तुलना जहाँ एक तरफ भारत में ईंधन और गैस की कीमतें आसमान छू रही हैं, वहीं हमारे पड़ोसी देश नेपाल में पेट्रोल की कीमतों में ₹2 और डीजल की कीमतों में ₹12 की कमी की गई है। यह तुलना भारत की घरेलू आर्थिक नीतियों और महंगाई नियंत्रण पर सवाल खड़े करती है।
रुपये की गिरती स्थिति और आर्थिक चिंता देश की आर्थिक स्थिति के लिए एक और चिंताजनक विषय डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये का ऐतिहासिक गिरावट है। रुपये की गिरती कीमत और बढ़ती महंगाई के बीच सीधा संबंध देखा जा रहा है, जिस पर सरकार से स्पष्टीकरण की मांग की जा रही है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया विपक्ष ने इस मूल्य वृद्धि को लेकर सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। राहुल गांधी और अखिलेश यादव जैसे नेताओं ने इसे महंगाई की मार करार दिया है। विपक्षी दलों का आरोप है कि यह चुनावी राजनीति और जनता के हितों की अनदेखी का परिणाम है। ईंधन की इन बढ़ती कीमतों ने न केवल व्यापारिक जगत बल्कि आम नागरिक के जीवन को भी मुश्किल बना दिया है, जिससे देश में आर्थिक तनाव की स्थिति पैदा हो गई है।
