हर व्यक्ति को सुंदरता का आकर्षण होता है, सुंदर चेहरा, सुंदर दृश्य और सुंदर जीवन का सपना होता है। सुंदर फूलों पर भँवरे मंडराते हैं, सुंदर बाग़ सभी को अपनी ओर बुलाते हैं। सुंदर चाँद को देखकर कविताएँ जन्म लेती हैं, सुंदर सुबह से नई उम्मीदें जाग उठती हैं। पर मैंने जीवन में एक सच्चाई जानी है, सुंदरता की सबसे अनमोल एक अलग ही कहानी है। चेहरे की सुंदरता आँखों को भाती है, लेकिन मन की सुंदरता आत्मा को छू जाती है। रूप का आकर्षण कुछ समय तक रहता है, पर अच्छा स्वभाव जीवनभर साथ रहता है। जिसकी वाणी में मिठास हो, जिसके हृदय में विश्वास हो, जो अपनों का सम्मान करे, और परायों को भी अपना मान करे। जो गिरते हुए को सहारा दे, निराश मन में उजियारा दे, जो अपने सुख से पहले दूसरों का दुःख समझे, वही वास्तव में सुंदर कहलाने योग्य बने। सुंदर कपड़े, सुंदर घर और सुंदर पहचान, इनसे नहीं बनता किसी इंसान का सम्मान। सम्मान तो उसके कर्मों से मिलता है, जो प्रेम, सेवा और सद्भाव से खिलता है। इसलिए सुंदर दिखने की नहीं, सुंदर बनने की कोशिश करो। चेहरे पर नहीं, चरित्र पर नाज़ करो। क्योंकि समय रूप को बदल देता है, लेकिन अच्छे कर्मों की सुंदरता को अमर बना देता है। चेहरे की सुंदरता समय के साथ फीकी पड़ जाती है, लेकिन हृदय की सुंदरता पीढ़ियों तक याद रखी जाती है। – राजेंद्र सिंघ शाहू इलेक्ट्रिकल ट्रैनंर नांदेड 7700063999 Kanthak Suryatal Post Views: 658 Facebook WhatsApp Telegram Twitter LinkedIn Snapchat Threads Post navigation माहीती आणि प्रसारण मंत्रालयाच्या केंद्रीय संचार ब्युरोच्या वतीने आंतरराष्ट्रीय योग दिन विशेष कार्यक्रमाचे आयेाजन ज्येष्ठ पौर्णिमेने घेतला कवितेचा आवाज