ज़िंदगी में यह ज़रूरी नहीं कि हर अच्छे कर्म का फल तुरंत अच्छा ही मिले। अक्सर हम अच्छा करते हैं… और मन में उम्मीद रखते हैं कि उसका परिणाम भी तुरंत और वैसा ही मिलेगा। लेकिन प्रकृति का नियम कुछ और ही कहता है कर्म करना हमारा धर्म है, और फल की चिंता छोड़ना हमारी समझदारी। इसे समझने के लिए एक सरल उदाहरण देखें जब एक किसान उपजाऊ जमीन में अनेक बीज बोता है, उन्हें समान पानी, खाद और देखभाल देता है… फिर भी सभी बीज एक जैसे अंकुरित नहीं होते। कुछ बीज तो अंकुरित ही नहीं होते… कुछ अंकुरित होकर छोटे ही रह जाते हैं… और कुछ पौधे बड़े होकर भी उतना फल नहीं देते जितना अपेक्षित होता है… जबकि कुछ ही बीज ऐसे होते हैं जो भरपूर फल देते हैं। तो क्या किसान मेहनत करना छोड़ देता है? नहीं… वह फिर भी हर बार पूरे विश्वास और धैर्य के साथ बीज बोता है। यही जीवन का सबसे बड़ा सत्य है हमारे कर्म भी बीज की तरह होते हैं। हर कर्म का फल तुरंत नहीं मिलता… हर प्रयास का परिणाम एक जैसा नहीं होता… और हर मेहनत का असर एक ही समय पर दिखाई नहीं देता। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि कर्म व्यर्थ गया। कुछ कर्म समय लेते हैं… कुछ कर्म हमें अनुभव देते हैं… और कुछ कर्म सही समय आने पर बड़ा फल देते हैं… हमें इस से सीख क्या मिल रही है अच्छा कर्म करना कभी मत छोड़ो परिणाम की जल्दी में अपने रास्ते से मत भटको धैर्य और विश्वास बनाए रखो क्योंकि जो बीज आज मिट्टी में छुपा है, वही कल वृक्ष बनकर छाया देगा। और अंत में फल की चिंता मत करो… कर्म इतना अच्छा करो कि समय खुद तुम्हें उसका फल देने को मजबूर हो जाए। राजेंद्र सिंघ शाहू इलेक्ट्रिकल ट्रैनंर नांदेड 7700063999 Kanthak Suryatal Post Views: 672 Facebook WhatsApp Telegram Twitter LinkedIn Snapchat Threads Post navigation नगरसेवकाला खंडणी मागणाऱ्या युटूबर पत्रकार शेख याहियाचा अटकपूर्व जामीन न्यायालयाने फेटाळला गुरुद्वारातील देणगी अपहार प्रकरणाने खळबळ; सेवादाराविरोधात गुन्हा दाखल