माननीय केंद्रीय गृह मंत्री महोदय
भारत सरकार
गृह मंत्रालय, नई दिल्ली
विषय : नांदेड में आयोजित हो रहे श्री गुरु तेग बहादर जी के 350वें शहीदी समागम के अवसर पर नांदेड शहर के सर्वांगीण विकास से संबंधित न्यायोचित मांगों के संबंध में निवेदन।
महोदय,
नांदेड नगरी में आयोजित हो रहा श्री गुरु तेग बहादर जी का 350वां शहीदी समागम केवल एक धार्मिक कार्यक्रम न होकर, अन्याय के विरुद्ध खड़े होने की प्रेरणा देने वाला, धर्म-रक्षा, मानवता और बलिदान के मूल्यों को उजागर करने वाला एक ऐतिहासिक अवसर है।
महाराष्ट्र शासन एवं अल्पसंख्यक विभाग के माध्यम से आयोजित “हिंद दी चादर” यह समारोह राष्ट्रीय स्तर पर अत्यंत महत्वपूर्ण कार्यक्रम बन चुका है। इस अवसर पर भारत के प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी जी, स्वयं आपकी गरिमामयी उपस्थिति तथा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री माननीय देवेंद्र फडणवीस जी की उपस्थिति नांदेड के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित की जाएगी।
नांदेड की भूमि तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब गुरुद्वारा के कारण संपूर्ण विश्व में प्रसिद्ध है। इसी पावन भूमि पर श्री गुरु गोबिंद सिंघ जी महाराज ने देह परंपरा समाप्त कर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को शाश्वत गुरु घोषित किया। इस कारण नांदेड का धार्मिक, ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक महत्व अद्वितीय है।
गोदावरी नदी, संत-परंपरा तथा सर्वधर्म समभाव के कारण नांदेड वास्तविक अर्थों में एक सांस्कृतिक राजधानी के रूप में स्थापित है।
इस ऐतिहासिक पृष्ठभूमि में, इस भव्य शहीदी समागम के औचित्य को सार्थक करते हुए नांदेडवासियों की कुछ न्यायोचित, उचित एवं दूरदर्शी अपेक्षाएँ आपके समक्ष विनम्रतापूर्वक प्रस्तुत की जा रही हैं।
नांदेडवासियों की प्रमुख माँगें निम्नलिखित हैं :
1. नांदेड शहर को “पवित्र शहर” के रूप में आधिकारिक रूप से घोषित किया जाए।
2. नांदेड जिले को भारतीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर सम्मिलित किया जाए।
3. धार्मिक एवं ऐतिहासिक पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु विशेष पर्यटन विकास योजना घोषित की जाए।
5. श्री गुरु तेग बहादर जी की शहादत से प्राप्त अन्याय के विरुद्ध संघर्ष की शिक्षा के अनुरूप,
वर्ष 1956 के अधिनियम के अनुसार लोकतांत्रिक पद्धति से सचखंड गुरुद्वारा बोर्ड के चेयरमैन के निर्वाचन का अधिकार पुनः बहाल किया जाए तथा प्रत्यक्ष नियुक्ति की प्रक्रिया को समाप्त किया जाए।
6. सचखंड गुरुद्वारा बोर्ड की आरक्षित भूमि को आरक्षण मुक्त कर, तीर्थयात्रियों हेतु आवास, स्वास्थ्य, पार्किंग एवं मूलभूत सुविधाओं के निर्माण के लिए बोर्ड को पूर्ण स्वायत्तता प्रदान की जाए।
7. जिन गुरुद्वारा बोर्ड की भूमियों का उपयोग शासन द्वारा निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप नहीं हो रहा है, वे भूमियाँ गुरुद्वारा बोर्ड को वापस सौंपी जाएँ।
8. एन.टी.सी. मिल का करार समाप्त हो जाने के कारण संबंधित भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर गुरुद्वारा बोर्ड को वापस दिया जाए।
9. नांदेड जिले में रोजगार सृजन के लिए बड़े उद्योगों को विशेष रियायतें देकर प्रोत्साहित किया जाए, साथ ही पंजप्यारे साहिबान एवं गुरुद्वारा बोर्ड के माध्यम से सिक्ख धर्मीय उद्यमियों से भावनात्मक अपील कर नए उद्योग स्थापित करने हेतु प्रेरित किया जाए।
10. गोदावरी नदी के शुद्धिकरण के लिए ठोस, समयबद्ध एवं प्रभावी उपाय योजनाएँ लागू की जाएँ।
11. नांदेड शहर में बढ़ती यातायात समस्या को ध्यान में रखते हुए समांतर सड़कों, फ्लायओवर तथा आधुनिक यातायात व्यवस्था का नियोजन किया जाए।
12. नांदेड में केंद्रीय स्तर का सांस्कृतिक एवं अनुसंधान केंद्र, गुरमत अध्ययन केंद्र तथा विरासत संग्रहालय स्थापित किया जाए।
14. नांदेड शहर की ऐतिहासिक एवं धार्मिक पहचान के सम्मान हेतु,
“नांदेड” शहर का आधिकारिक नाम बदलकर “हजूर साहिब” रखा जाए, यह नांदेड की आम जनता की तीव्र एवं भावनात्मक मांग है।
महोदय,
यदि यह ऐतिहासिक शहीदी समागम नांदेड के सर्वांगीण विकास का मील का पत्थर सिद्ध होता है, तभी श्री गुरु तेग बहादर जी के महान बलिदान को सच्ची श्रद्धांजलि प्राप्त होगी। आज नांदेड केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि पर्यटन, उद्योग, रोजगार एवं सांस्कृतिक एकता का वैश्विक केंद्र बनने की पूर्ण क्षमता रखता है। आप इस ऐतिहासिक अवसर पर दूरदर्शी निर्णय लेंगे, तो नांदेड का भविष्य निश्चित रूप से उज्ज्वल होगा, ऐसा हम समस्त नांदेडवासी दृढ़ विश्वास रखते हैं।
सादर विनीत,
राजेंद्र सिंघ शाहू
मो. नं. 7700063999
इलेक्ट्रिकल ट्रैनंर नांदेड
