भारतीय संस्कृति की विरासत को संजोते हुए युवाओं को भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में योगदान देना चाहिए–राज्यपाल आचार्य देवव्रत
मुंबई – भारत को वर्ष 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण और मूल्यवान है। देश के सर्वांगीण विकास के लिए युवाओं को अपने विचार, कर्म और नवाचार के माध्यम से आगे आना चाहिए तथा भारतीय संस्कृति की विरासत को संजोते हुए विकसित भारत के निर्माण में योगदान देना चाहिए, ऐसा आवाहन राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने किया।
राष्ट्रीय युवा महोत्सव – विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2025–26 की राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए राज्य से चयनित युवाओं से राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने वीडियो कान्फरन्सिंग के माध्यम से संवाद किया। सह्याद्री अतिथिगृह में आयोजित इस कार्यक्रम में खेल विभाग के प्रधान सचिव संजय खंदारे, राज्यपाल के सचिव डॉ. प्रशांत नारनवरे, सह सचिव एस. राममूर्ति, खेल विभाग के उप सचिव सुनील पांढरे, सहायक संचालक मिलिंद दीक्षित, मुंबई विभाग की उप खेल संचालक सुवर्णा बारटक्के तथा राष्ट्रीय युवा महोत्सव के लिए चयनित विद्यार्थी उपस्थित थे।
राष्ट्रीय युवा महोत्सव में सहभागिता राज्य के युवाओं के लिए गौरवपूर्ण और प्रेरणादायी विषय है, ऐसा उल्लेख करते हुए राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने दिल्ली में आयोजित संवाद कार्यक्रम के लिए चयनित युवाओं को शुभकामनाएं दीं। युवाओं से संवाद करते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह उपक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संकल्पना से संचालित किया जा रहा है। स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले राष्ट्रीय युवा महोत्सव को नया स्वरूप दिया गया है, तथा देश के सभी राज्यों के विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित की गईं। इनमें से चयनित तीन हजार मेधावी युवाओं को इस महोत्सव के माध्यम से सीधे प्रधानमंत्री से संवाद करने का अवसर मिलेगा। मेहनत, परिश्रम और गुणवत्ता के बल पर चयनित युवाओं की राज्यपाल ने सराहना की और कहा कि यह चयन विकसित राष्ट्र के निर्माण में उनकी भूमिका की स्वीकृति है।

भारत युवाओं का देश है। युवाओं में देश के विकास को नई गति देने की क्षमता है, ऐसा विश्वास व्यक्त करते हुए राज्यपाल ने कहा कि भारत का विकास केवल आर्थिक या भौतिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि संस्कृति, सभ्यता, परंपरा और नैतिक मूल्यों का संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना भारत की पहचान है और संत-महात्माओं के माध्यम से भारत ने मानवता का संदेश पूरे विश्व में पहुचाया है। राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि देश सभी क्षेत्रों में प्रगति कर रहा है। स्टार्टअप्स और आत्मनिर्भर भारत अभियान के माध्यम से भारत वैश्विक स्तर पर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और तीसरे स्थान की ओर अग्रसर है। विकास का लाभ समाज के अंतिम पंक्ति तक पहुँच रहा है। युवाओं में देश को आत्मनिर्भर, समृद्ध और शक्तिशाली बनाने की अपार क्षमता है। असफलता आने पर निराश न होकर परिश्रम, दृढ़ता और सकारात्मक सोच के साथ विकसित राष्ट्र के निर्माण में योगदान देने का उन्होंने युवाओं से आवाहन किया। इस संवाद कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों पर भी राज्यपाल ने मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम के अंत में चयनित युवाओं को मान्यवरों के हस्ते प्रतीकात्मक रूप से किट वितरित की गई। वर्ष 2025–26 के राष्ट्रीय युवा महोत्सव का आयोजन दिल्ली में 9 जनवरी 2026 से किया गया है। विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग के अंतर्गत ऑनलाइन प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं—
प्रथम चरण: विकसित भारत क्विज,
द्वितीय चरण: निबंध लेखन प्रतियोगिता,
तृतीय चरण: विकसित भारत पीपीटी चैलेंज।
इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से राज्य से 45 युवाओं का चयन किया गया है। इसके अतिरिक्त, जिला, विभाग और राज्य स्तरीय युवा महोत्सव के अंतर्गत सांस्कृतिक विभाग से 28 कलाकारों तथा डिज़ाइन फॉर भारत और हैक फॉर सोशल कॉज़ प्रतियोगिताओं से 5 प्रतिभागियों का चयन किया गया है। राज्य से चयनित युवाओं तथा उनके साथ अधिकारियों सहित कुल 85 सदस्यों का दल मुंबई से दिल्ली में होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए रवाना हुआ।
