किसी की जुबान बोलती है… किसी की नीयत बोलती है… किसी का कार्य बोलता है… किसी की अच्छाई बोलती है… किसी का पैसा बोलता है… किसी का समय बोलता है… किसी का पद बोलता है… किसी की खामोशी बहुत कुछ कह जाती है… किसी का दुःख बोलता है… किसी की खुशी बोलती है… किसी की गरीबी बोलती है… किसी की अमीरी बोलती है… किसी का अहंकार बोलता है… तो किसी की नम्रता सीधे दिल में उतर जाती है… किसी का प्रेम लोगों को जोड़ता है… तो किसी का द्वेष रिश्ते तोड़ देता है… परंतु याद रखिये… जीवन के अंतिम क्षणों में न धन साथ जाता है… न पद साथ जाता है… न दिखावा साथ जाता है… ईश्वर के दरबार में केवल इंसान के कर्म, व्यवहार और मानवता ही बोलते हैं…। इसलिये जीवन में ऐसे शब्द बोलिये जो किसी का हौसला बढ़ायें, ऐसे कर्म कीजिये जो किसी के काम आयें, और ऐसा व्यवहार रखिये कि आपके जाने के बाद भी लोग आपको सम्मान से याद करें…। “अच्छी बोली, अच्छा व्यवहार और अच्छे कर्म यही इंसान की असली पहचान होते हैं…” – राजेंद्र सिंघ शाहू इलेक्ट्रिकल ट्रैनंर नांदेड 7700063999 Kanthak Suryatal Post Views: 287 Facebook WhatsApp Telegram Twitter LinkedIn Snapchat Threads Post navigation द्रोणाचार्य व अर्जुन पुरस्कारार्थी धर्मेंद्र यादव यांना शांतीदूत राष्ट्ररत्न पुरस्कार २०२६ जाहीर; क्रीडा क्षेत्रातील अतुलनीय योगदानाचा गौरव काजलच्या डॉक्टर होण्याच्या स्वप्नाला मालेगावकरांची साथ!