कभी जो इलाके निजाम की रियासत में आते थे, वहाँ के कई शहर नवाबों के शहर कहे जाते थे। इसका कारण था खानदानी धन-दौलत, जायदाद और आरामदायक जीवनशैली। लोग बिना अधिक चिंता के जीवन बिताते थे, इसलिए इन शहरों को नवाबों का शहर कहा जाता था। उस समय हैदराबाद भी उन्हीं शहरों में गिना जाता था। लेकिन आज अगर वास्तविकता पर नजर डालें तो परिस्थिति बिल्कुल उलटी दिखाई देती है। पिछले दस–बारह दिनों से मुझे हैदराबाद में रहने का अवसर मिला। वहाँ जो बात सबसे अधिक प्रभावित करती है वह है लोगों की मेहनत और काम के प्रति अनुशासन। सुबह साढ़े सात–आठ बजे तक लगभग हर प्रकार की दुकान खुल जाती है चाहे वह इलेक्ट्रिकल, हार्डवेयर, पेंट, प्लायवुड, किराना, मेडिकल, कपड़े, चप्पल, जनरल स्टोर्स या होटल क्यों ना हो। लोग सुबह जल्दी काम पर निकल जाते हैं और देर रात तक मेहनत करते हैं। परंतु जब अपने नांदेड शहर की ओर नजर जाती है तो स्थिति कुछ अलग दिखाई देती है। कई दुकानें सुबह दस–ग्यारह बजे या कभी-कभी बारह बजे तक खुलती हैं और रात आठ–साढ़े आठ बजे से बंद होना शुरू हो जाती हैं। यह केवल समय का अंतर नहीं है, बल्कि कार्य संस्कृति और सोच का अंतर है। सुरक्षा की दृष्टि से भी बड़ा फर्क दिखाई देता है। हैदराबाद में कई स्थानों पर लोग अपनी टू-व्हीलर बिना लॉक के भी खड़ी कर देते हैं और वह सुरक्षित रहती है। जबकि नांदेड में कई बार घर के सामने लॉक करके खड़ी की गई गाड़ी के चोरी होने का भी डर रहता है। आज नांदेड में चोरी, लूटमार और घरफोड़ जैसी घटनाओं की खबरें सुनने को मिलती हैं। कभी-कभी यह भी डर लगता है कि कब कहाँ कोई अप्रिय घटना हो जाए। जबकि पहले नांदेड का वातावरण इतना असुरक्षित नहीं था। तो आखिर ऐसा क्यों हो रहा है? क्या नांदेड में उद्योग, रोजगार और पर्यटन के विकास की कमी इसका कारण है? क्या हमारी नई पीढ़ी को सही दिशा और कार्यसंस्कार देने की जरूरत है? क्या हमारे राजनीतिक और सामाजिक नेतृत्व को इस विषय पर गंभीरता से सोचना चाहिए? या फिर हमें स्वयं अपने जीवन में मेहनत, अनुशासन और जिम्मेदारी को अधिक स्थान देना होगा? यह किसी की आलोचना नहीं है, बल्कि समाज के हित में किया गया एक विनम्र आत्ममंथन है। यदि हम सभी मिलकर इस विषय पर गंभीरता से सोचें, तो नांदेड फिर से एक सुरक्षित, प्रगतिशील और आदर्श शहर बन सकता है। यदि मेरे शब्दों से किसी को ठेस पहुँचे तो क्षमा चाहता हूँ। पिछले कुछ दिनों के अनुभव से मन में जो विचार आए, वही आप सभी के सामने विनम्रता से प्रस्तुत किए हैं। – राजेंद्र सिंघ शाहू इलेक्ट्रिकल ट्रैनंर नांदेड 7700063999 Kanthak Suryatal Post Views: 675 Facebook WhatsApp Telegram Twitter LinkedIn Snapchat Threads Post navigation शहाजी उमाप पथकाची जबरदस्त कार्यवाही पंडित दीनदयाळ उपाध्याय रोजगार मेळाव्याचे सोमवारी धर्माबाद येथे आयोजन