हमारे समाज में अक्सर यह धारणा बना दी जाती है कि सीखना केवल युवावस्था तक ही सीमित है। उम्र बढ़ने के बाद नए कौशल सीखना कठिन है, या फिर “अब क्या सीखना?”लेकिन यह सोच ही सबसे बड़ी रुकावट बन जाती है। सच तो यह है कि सीखने के लिए उम्र नहीं, बल्कि जिज्ञासा, आत्मविश्वास और इच्छाशक्ति चाहिए। और सीखने की इच्छा रखने में कभी भी शर्म नहीं होनी चाहिए। इसी सोच को कर्म में बदलकर दिखाया है 61 वर्ष के रिटायर्ड श्री दिलीप भांडे जी ने। उन्होंने हमारे स्वयं रोजगार मार्गदर्शन तथा इलेक्ट्रिकल ट्रेनिंग कोर्स में प्रवेश लेकर यह बात पूरी दुनिया के सामने रख दी कि अगर मन सच्चे मन से सीखने को तैयार हो, तो उम्र, दूरी और परिस्थितियाँ सब पीछे छूट जाती हैं। सबसे प्रेरणादायी बात यह है कि दिलीप जी यह ट्रेनिंग न तो पैसे कमाने के लिए ले रहे हैं, न ही कोई नया व्यवसाय शुरू करने के लिए। उन्हें नियमित पेंशन मिलती है, घर की आर्थिक स्थिति मजबूत है, और उनका पुत्र भी अच्छी कमाई करता है। फिर भी वे सीख रहे हैं केवल अपने ज्ञान को बढ़ाने के लिए, और आपातकाल में घर के छोटे-बड़े इलेक्ट्रिकल काम खुद कर सकें — इसी आत्मनिर्भरता के लिए। यह सीखने की भावना ही इंसान को महान बनाती है। और भी प्रशंसनीय बात यह है कि वे पूर्णा रोड, डी-मार्ट के पास से लगभग 7–8 किलोमीटर की दूरी तय करके, हर रोज क्लास में समय पर उपस्थित रहते हैं। 👉 केवल एक घंटे की की ट्रेनिंग और केवल दो दिन,और इतने कम समय में ही उन्होंने बहुत कुछ आत्मसात कर के बोर्ड वायरिंग सीख लिये है। जब मैंने उनसे पूछा “इतनी उम्र में यह सब सीखने की प्रेरणा कहाँ से मिली?” तो उनका उत्तर मन को छू गया: “यह सीखने की इच्छा मेरे मन में बहुत वर्षों से थी। लेकिन ITI और अन्य संस्थानों में उम्र की पाबंदी और समय की मजबूरी के कारण मेरा सपना अधूरा रह गया। अब रिटायर्ड होने के बादआपके ट्रेनिंग कोर्स की जानकारी मिली, तो मुझे लगा — अब नहीं तो कभी नहीं। आज मैं अपने जीवन का सपना पूरा कर रहा हूँ।” ऐसी सोच, ऐसा समर्पण और सीखने की ऐसी लगन को दिल से नमन है। दिलीप जी हम सबके लिए एक प्रेरणा हैं। वे यह सिखाते हैं कि इंसान चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो जाए, अगर मन में कुछ नया सीखने की आग ज़िंदा है, तो कोई भी सपना असंभव नहीं होता। 👉 हमारी दिल से अपील है हर व्यक्ति सीखे। चाहे वह युवा हो या वरिष्ठ नागरिक, शिक्षित हो या अशिक्षित, भाषा कोई भी हो सीखने के द्वार सबके लिए खुले हैं। हम सेवा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। 📢 नई बैच प्रारंभ हो रही है इच्छुक सज्जन इस अवसर का लाभ उठाएँ। कोर्स की मुख्य विशेषताएँ: ✔ रोज़ केवल 2 घंटे ✔ कोर्स अवधि: 1 महीना ✔ पूरी फीस: केवल ₹2000 ✔ सरल भाषा में प्रशिक्षण ✔ पूर्ण प्रैक्टिकल मार्गदर्शन ✔ 100% सीखाने की गारंटी आज सीखने का निर्णय लीजिए क्योंकि सीखने का कोई “रिटायरमेंट” नहीं होता। राजेंद्र सिंघ शाहू इलेक्ट्रिकल ट्रैनंर नांदेड 7700063999 Kanthak Suryatal Post Views: 841 Facebook WhatsApp Telegram Twitter LinkedIn Snapchat Threads Post navigation “कायद्याला लाथ, जगाला धमकी: ट्रम्पचा उघड हुकूमशाही उन्माद — मादुरो अपहरणातून ‘हिटलरचा बाप’ चे दर्शन!” आख़िर वोट दें तो किसे दें…?